बीबीसी इंटरव्यू के दौरान ए आर रहमान, बयान के बाद उठे विवाद की तस्वीर

बीबीसी इंटरव्यू के बाद ए आर रहमान पर बवाल: क्या धर्म बना काम कम मिलने की वजह?

मशहूर संगीतकार अल्लाह रखा रहमान, जिन्हें ए आर रहमान के नाम से जाना जाता है, इन दिनों एक बयान को लेकर चर्चा में हैं ए आर रहमान ने हाल ही में बीबीसी को एक इंटरव्यू दिया था इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उन्हें पहले के मुकाबले कम फिल्में मिली हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि इसके पीछे धार्मिक कारण भी हो सकते हैं उनका यह बयान सामने आते ही चर्चा का विषय बन गया ए आर रहमान ने बातचीत के दौरान यह संकेत दिया कि फिल्म इंडस्ट्री में फैसले लेने वाले कुछ लोग अब पहले जैसे नहीं रहे हैं और इसका असर उनके काम पर पड़ा है.

इंटरव्यू लेने वाले एंकर और सवालों की दिशा

इस इंटरव्यू में ए आर रहमान से सवाल पूछने वाले पत्रकार का नाम हारून राशिद बताया गया है हारून राशिद पाकिस्तानी मूल के एक ब्रिटिश पत्रकार हैं इंटरव्यू के दौरान उन्होंने भारत में हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच के हालात और पक्षपात को लेकर सवाल किए 

सवालों का फोकस इसी बात पर रहा कि क्या भारत में मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है इसी बातचीत के दौरान ए आर रहमान ने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि उन्हें लग सकता है कि धर्म भी एक वजह हो सकती है इस बातचीत के बाद उनके बयान को अलगअलग तरीके से देखा गया

ए आर रहमान का लंबा करियर और पहचान

ए आर रहमान पिछले लगभग 35 वर्षों से भारतीय फिल्म संगीत से जुड़े हुए हैं उनके संगीत ने देश और दुनिया में पहचान बनाई है उन्होंने कई ऐसी फिल्मों में काम किया है, जिनके गाने आज भी सुने जाते हैं. 

ए आर रहमान को अब तक सात बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुके हैं इसके अलावा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है लंबे समय तक उन्हें भारत के सबसे सफल संगीतकारों में गिना जाता रहा है इस दौरान उनके काम को लेकर कभी सार्वजनिक रूप से धर्म को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई

काम मिलने को लेकर उठे सवाल

इंटरव्यू के बाद यह सवाल उठने लगे कि जब ए आर रहमान को लगातार सफलता मिल रही थी, तब उन्होंने कभी इस तरह की बात क्यों नहीं कही जब उनके गाने लोकप्रिय हो रहे थे और उन्हें पुरस्कार मिल रहे थे, उस समय उन्होंने खुद को एक कलाकार के तौर पर ही पेश किया 

अब जब उन्हें पहले के मुकाबले कम काम मिलने की बात सामने आई, तो उनके बयान ने नई बहस को जन्म दिया कई लोगों ने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में समय के साथ नए संगीतकार आए हैं और दर्शकों की पसंद बदलती रहती है.

फिल्म छावा और बयान पर प्रतिक्रिया

ए आर रहमान ने इंटरव्यू में वर्ष 2025 में आई फिल्म छावा का भी जिक्र किया इस फिल्म का संगीत उन्होंने ही तैयार किया था फिल्म में मराठा इतिहास और छत्रपति संभाजी महाराज तथा औरंगजेब के बीच के संघर्ष को दिखाया गया था 

ए आर रहमान ने इस फिल्म को समाज को बांटने वाली फिल्म बताया इस बयान के बाद उनकी आलोचना और बढ़ गई कुछ लोगों ने उनके बयान को इतिहास और फिल्मों को लेकर गलत नजरिया बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे उनकी निजी राय माना

राष्ट्रीय सम्मान और सरकारी कार्यक्रमों का उल्लेख

इस पूरे विवाद के बीच यह भी सामने आया कि ए आर रहमान को हाल के वर्षों में भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले हैं वर्ष 2022 की एक तमिल फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया, जो उन्हें 2024 में मिला इससे पहले वर्ष 2017 में भी उन्हें दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुके हैं. 

इसके अलावा वर्ष 2020 में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भारत आए थे, तब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज में ए आर रहमान को भी आमंत्रित किया गया था उस समय उन्होंने खुद उस कार्यक्रम की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी

रामायण फिल्म और मौजूदा काम

वर्तमान समय में ए आर रहमान एक बड़ी बजट की फिल्म रामायण के लिए संगीत दे रहे हैं इस फिल्म में भगवान श्रीराम की भूमिका रणवीर कपूर निभा रहे हैं फिल्म का बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया गया है इस फिल्म में काम मिलने को लेकर भी यह सवाल उठाया गया कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में धर्म के आधार पर भेदभाव होता, तो उन्हें इस तरह की बड़ी फिल्म में संगीत देने का मौका मिलता या नहीं

जन्म धर्म परिवर्तन और निजी जीवन

ए आर रहमान का जन्म एक तमिल हिंदू परिवार में हुआ था उनका नाम पहले दिलीप कुमार था उनके मातापिता हिंदू थे वर्ष 1989 में, 23 साल की उम्र में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया और अपना नाम अल्लाह रखा रहमान रखा 

इसके बाद उन्होंने संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई उनके धर्म परिवर्तन को लेकर लंबे समय तक सार्वजनिक चर्चा नहीं हुई और उनका काम ही उनकी पहचान बना रहा

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और लोगों की नाराजगी

बीबीसी इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई कई लोगों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि इससे देश और समाज को लेकर गलत संदेश जाता है.

कुछ प्रशंसकों ने यह भी कहा कि वे उनके संगीत को पसंद करते रहे हैं और इस बयान से उन्हें ठेस पहुंची है लगातार आ रही प्रतिक्रियाओं के बीच यह साफ दिखा कि यह मुद्दा केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहा

ए आर रहमान की सफाई और नया बयान

विवाद बढ़ने के बाद ए आर रहमान ने इस पूरे मामले पर सफाई दी उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से समझा गया है उन्होंने खुद को एक सच्चा भारतीय बताया और कहा कि भारत उनकी प्रेरणा, शिक्षक और घर है.

उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना रहा है और वे किसी को दुख पहुंचाना नहीं चाहते थे उन्होंने अलगअलग प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि उनका काम भारत की संस्कृति और संगीत से जुड़ा रहा है.

बयान के बाद बनी स्थिति

ए आर रहमान के पहले इंटरव्यू और बाद की सफाई के बाद अब लोगों के सामने दोनों बातें मौजूद हैं कुछ लोग उनके पहले बयान को उनके मन की बात मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनकी सफाई को सही मानते हैं यह मामला अब भी चर्चा में है.

और अलग अलग राय सामने आ रही हैं ए आर रहमान का संगीत और उनका करियर अपनी जगह है, लेकिन इस बयान ने उनके सार्वजनिक जीवन में एक नई बहस को जन्म दे दिया है.

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