ध्रुव राठी ने बातचीत में बताया कि वह 17 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए जर्मनी चले गए थे उन्होंने वहीं पर अपनी बैचलर्स की पढ़ाई की और उसी दौरान यूट्यूब चैनल शुरू किया उनका कहना था कि जर्मनी जाने का फैसला यूट्यूब की वजह से नहीं था

बल्कि पढ़ाई पहले शुरू हुई और बाद में चैनल आया उन्होंने कहा कि उन्होंने जिन मुद्दों पर वीडियो बनाए, वे उनके निजी रुचि के विषय थे जर्मनी में रहने का एक कारण उन्होंने अपनी पार्टनर की पसंद को भी बताया उनके मुताबिक यह फैसला अकेले उनका नहीं हो सकता था और पार्टनर की सुविधा भी महत्वपूर्ण थी

“जर्मन शेफर्ड” टिप्पणी पर प्रतिक्रिया और आरएसएस को लेकर बयान

ध्रुव राठी ने कहा कि कुछ लोग उन्हें “जर्मन शेफर्ड” कहकर संबोधित करते हैं। इस पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर यह शब्द किसी पर लागू होता है तो वह आरएसएस के लोगों पर लागू होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस की संगठनात्मक शैली 1920 और 1930 के दौर के जर्मनी और इटली से प्रभावित है 

उन्होंने कहा कि मुसोलिनी की पैरामिलिट्री संगठन की ड्रेस और ड्रिल तक से प्रेरणा ली गई उन्होंने यह भी कहा कि गोलवलकर ने अपनी किताब में हिटलर से प्रेरित होने की बात लिखी है उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह भविष्य में विस्तार से वीडियो बनाएंगे

भारत से दूरी को बताया फायदा और कमी दोनों

ध्रुव राठी ने कहा कि जर्मनी में रहने का एक फायदा यह है कि उन पर रोज़ का दबाव नहीं होता और वह जमीन से जुड़े रह पाते हैं उनका कहना था कि अगर वह भारत में रहते तो लोगों से लगातार मिलना और लोकप्रियता का असर अलग हो सकता था

वहीं उन्होंने यह भी माना कि दूरी की वजह से कुछ मुद्दों की गहराई समझना मुश्किल होता है उदाहरण के तौर पर उन्होंने एयर पॉल्यूशन का जिक्र किया उन्होंने बताया कि दिल्ली में उनके माता-पिता हवा को साफ मानते थे, जबकि एयर क्वालिटी मॉनिटर पर पीएम 2.5 का स्तर 80 दिख रहा था, जो रेड कैटेगरी में आता है उन्होंने कहा कि 20 से ऊपर का स्तर खराब माना जाता है

फिल्मों पर आलोचना और “धुरंधर” पर टिप्पणी

ध्रुव राठी ने “धुरंधर” फिल्म को लेकर कहा कि यह एक प्रो बीजेपी फिल्म है और इसमें राजनीतिक नारा इस्तेमाल किया गया उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक पार्टी का नारा फिल्म में शामिल करना और पुरानी सरकारों को गद्दार या एंटीनेशनल दिखाना राजनीतिक प्रचार है 

उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी फिल्म के बहिष्कार की अपील नहीं की। उनका कहना था कि वह चाहते थे कि लोग फिल्म को मनोरंजन के रूप में देखें और उसमें दिखाए गए घटनाक्रम को सच न मानें उन्होंने कहा कि उनका वीडियो फिल्म रिलीज होने के तीन हफ्ते बाद आया था

उन्होंने “एनिमल” फिल्म पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने उसे प्रचार फिल्म नहीं कहा था, बल्कि उसमें दिखाए गए व्यवहार और महिलाओं के प्रति रवैये की आलोचना की थी उनका कहना था कि अगर फिल्म में ऐसे किरदारों को परिणाम भुगतते दिखाया जाता तो बात अलग होती

सेंसर बोर्ड और फिल्मों को लेकर आरोप

ध्रुव राठी ने कहा कि फिल्म उद्योग में एक ही विचारधारा वाली फिल्मों को अनुमति दी जा रही है उन्होंने कहा कि कुछ फिल्मों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्धरण जोड़ने की बात कही जाती है 

उन्होंने दावा किया कि “पंजाब 95” जैसी फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जा रहा है उन्होंने यह भी कहा कि कई फिल्म निर्देशक निजी तौर पर उनसे बात करते हैं और बताते हैं कि कुछ प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाए उन्होंने कहा कि अगर अलग विचारधारा वाली फिल्में भी रिलीज होतीं तो उन्हें “धुरंधर” से समस्या नहीं होती

शाहरुख खान और पान मसाला विज्ञापन पर सवाल

ध्रुव राठी ने शाहरुख खान से पान मसाला विज्ञापन को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल यह पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शाहरुख खान का एक बयान सामने आता है जिसमें कहा गया कि अगर पान मसाला गलत है तो सरकार उसे बैन क्यों नहीं करती इस पर ध्रुव ने कहा कि समाज में बड़े दर्जे वाले लोगों की अपनी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि जितनी बड़ी शक्ति, उतनी बड़ी जिम्मेदारी होती है

राजनीति में रुचि और अन्ना हजारे आंदोलन

ध्रुव राठी ने बताया कि भारतीय राजनीति में उनकी रुचि अन्ना हजारे के एंटी करप्शन मूवमेंट के दौरान बढ़ी उन्होंने कहा कि वह उस समय 12वीं कक्षा में थे और दिल्ली में थे उन्होंने बताया कि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए, लेकिन मीडिया के माध्यम से आंदोलन को फॉलो करते थे।

खुद को एथिस्ट बताया, कुछ मूल्यों पर जोर

ध्रुव राठी ने खुद को एथिस्ट बताया और कहा कि वह रैशनलिज्म, साइंटिफिक टेंपर, फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन, इंक्लूसिविटी, टॉलरेंस और कोएग्जिस्टेंस जैसे मूल्यों में विश्वास करते हैं 

उन्होंने कहा कि लोग उन्हें लेफ्टिस्ट या किसी पार्टी का समर्थक कहते हैं, लेकिन वह किसी पार्टी से फंड नहीं लेते उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि उन्हें जॉर्ज सोरोस या चीनी पार्टी से फंड मिलता है, लेकिन यह सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी का डेलीगेशन आरएसएस से मिल रहा है

उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी पूरी तरह उनके मूल्यों से मेल नहीं खाती। उनका कहना था कि पार्टियां चुनाव के समय कुछ और कहती हैं और करती कुछ और हैं

धर्म, अंधविश्वास और एस्ट्रोलॉजी पर विचार

ध्रुव राठी ने कहा कि वह धर्म के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ हैं जो धर्म के नाम पर लोगों को धोखा देते हैं। उन्होंने कहा कि एस्ट्रोलॉजी का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है और यह गलत है। उन्होंने कहा कि ग्रहों की स्थिति से चुनिंदा लोगों की जिंदगी प्रभावित होना तर्कसंगत नहीं है उन्होंने कहा कि लोग मार्गदर्शन की तलाश में इन चीजों पर विश्वास करते हैं

उन्होंने यह भी कहा कि धर्म संस्कृति का हिस्सा है और त्योहारों तथा ऐतिहासिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाना चाहिए उनका कहना था कि धार्मिक ग्रंथों से सीख ली जा सकती है, लेकिन उन्हें शाब्दिक रूप से नहीं लेना चाहिए

रहस्यमयी विषयों और एआई के उपयोग पर बात

ध्रुव राठी ने बताया कि बचपन से उन्हें मिस्ट्री और डिस्कवरी चैनल जैसे कार्यक्रमों में रुचि थी उन्होंने कहा कि वह ऐसी कहानियां चुनते हैं जो प्रेरक हों उन्होंने कहा कि अगर कहानी बहुत निराशाजनक हो तो वह आमतौर पर उसे नहीं चुनते उन्होंने साइंटिफिक टेंपर को बढ़ावा देने के लिए बरमूडा ट्रायंगल और अपोलो 11 जैसे विषयों पर वीडियो बनाने का जिक्र किया

एआई के उपयोग पर उन्होंने कहा कि वह स्क्रिप्ट को अलग-अलग एआई मॉडल में डालकर संभावित गलतियां खोजते हैं उन्होंने कहा कि विजुअल्स बनाने में एआई काफी मददगार है उनका कहना था कि एआई का सबसे अच्छा उपयोग फैक्ट चेकिंग और विजुअल निर्माण में है

थंबनेल और जान्हवी कपूर विवाद

ध्रुव राठी ने कहा कि जान्हवी कपूर को थंबनेल में इसलिए रखा गया क्योंकि उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी को स्वीकार किया है और वह चर्चित अभिनेत्री हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो प्लास्टिक सर्जरी के विषय पर शैक्षिक था और किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो तैयार होने में सात दिन लगे थे और जान्हवी कपूर की बांग्लादेश से जुड़ी टिप्पणी उसी दिन आई थी जिस दिन वीडियो रिलीज हुआ

वीडियो की भाषा और टीम चर्चा

ध्रुव राठी ने कहा कि वह वीडियो में गाली का इस्तेमाल नहीं करते और इस बात का ध्यान रखते हैं कि शब्दों का गलत अर्थ न निकले उन्होंने बताया कि “धुरंधर” वीडियो में आदित्य धर को “बीजेपी का चाटुकार प्रोपेगेंडिस्ट” कहने से पहले टीम के साथ लंबी चर्चा हुई थी उनका कहना था कि यह एक मजबूत रुख था ताकि फिल्म उद्योग को संदेश दिया जा सके

उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में सरकार बदलती है तो वह उसी तरह मुद्दों पर बोलते रहेंगे, क्योंकि उनके वीडियो वास्तविक मुद्दों पर आधारित होते हैं यह बातचीत ध्रुव राठी के निजी विचारों, उनके काम करने के तरीके और विभिन्न विषयों पर उनके दृष्टिकोण को सामने रखती है